बहराइच में एंटी करप्शन का बड़ा एक्शन: 10 हजार की घूस लेते रंगे हाथों धरा गया लेखपाल!




"बहराइच में एंटी करप्शन का बड़ा एक्शन: 10 हजार की घूस लेते रंगे हाथों धरा गया लेखपाल!"

"सरकारी सैलरी से नहीं भरा पेट, तो ली रिश्वत... अब सलाखों के पीछे पहुंचे लेखपाल उमेश पाठक!"

"बहराइच: सराय मेहराबाद के लेखपाल पर चला कानून का डंडा, एंटी करप्शन टीम ने दबोचा।"


 बहराइच से इस वक्त की बड़ी खबर! सरकार से मिलने वाली मोटी सैलरी से भी जब पेट नहीं भरा, तो साहब ने रिश्वतखोरी का रास्ता चुन लिया। लेकिन वो कहते हैं ना कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। मंगलवार की शाम बहराइच के एक लेखपाल के लिए 'ब्लैक ट्यूजडे' साबित हुई, जब एंटी करप्शन की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया!।


 मामला बहराइच जिले के सराय मेहराबाद का है। यहां तैनात लेखपाल उमेश पाठक एक काम के बदले ₹10,000 की घूस मांग रहे थे। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी। फिर क्या था... टीम ने पूरा जाल बिछाया और जैसे ही मंगलवार की शाम लेखपाल उमेश पाठक ने रिश्वत के 10 हजार रुपये हाथ में लिए, टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।


 घूसखोर लेखपाल को पकड़ने के बाद एंटी करप्शन की टीम उन्हें सीधे कोतवाली देहात लेकर पहुंची। वहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, रिश्वतखोर लेखपाल साहब को सीधे 'बड़े घर' यानी जेल भेज दिया गया है।


 योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद कुछ अधिकारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। लेकिन बहराइच की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अगर आप जनता को परेशान करेंगे, तो अंजाम सलाखें ही होंगी।,,,,,,,,,,









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