Up:टीबी रोगियों की पहचान और इलाज में यूपी नंबर वनः ब्रजेश पाठक कहा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार कर रहा तरक्की

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टाइम इंडियन न्यूज़ 11 यूपी बहराइच 

लखनऊ: 29 मई, 2025 प्रदेश में टीबी रोगियों की पहचान और उनके इलाज में यूपी नंबर वन पर है। टीबी की जांचें सात गुना बढ़ी हैं। टीबी रोगियों को चिन्हित करने के साथ ही उन्हें समय पर उपचार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार तरक्की कर रहा है। निःक्षय पोषण योजना के अंतर्गत सहायता राशि सीधे रोगियों के बैंक खातों में उपलब्ध कराई गई है। यह जानकारी गुरुवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक में दी। प्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन व पीएम-अभीम योजनाओं में सहयोग मांगा गया। साथ ही प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति साझा की। बैठक में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएम-अभीम) और मीजिल्स रूबेला (एम.आर.) उन्मूलन कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जानकारी दी कि प्रदेश में टीबी रोगियों की जांच पहले के मुकाबले सात गुना हो गई है। टीबी प्रयोगशालाओं का विस्तार भी हुआ है। सौ दिवसीय सघन टीबी अभियान सभी 75 जनपदों में लागू कर दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि निःक्षय पोषण योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के खाते में सीधे भुगतान किया गया है। जिला क्षय रोग अधिकारियों की दो दिवसीय कार्यशाला इसी माह संपन्न कराई गई है। उन्होंने बताया कि 251.40 करोड़ रुपए सीधे मरीजों के बैंक खातों में भेजे गए।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए 4892.53 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश में 100 बेड, 50 बेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक के कुल 74 निर्माण कार्य, इंटीग्रेटिड पब्लिक हेल्थ लैब के 75 निर्माण कार्य, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के 515 एवं 1670 स्वास्थ्य उपकेंद्र के निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल की दो शाखाएं लखनऊ एवं वाराणसी में प्रस्तावित हैं। लखनऊ शाखा का निर्माण कार्य चल रहा है। वाराणसी के लिए त्रिपक्षीय एमओयू हस्ताक्षरित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन मेट्रोलॉलिटन सर्विलांस यूनिट वाराणसी, लखनऊ एवं आगरा में स्वीकृत हैं। स्थल का चयन किया जा चुका है। त्रिपक्षीय एमओयू भी हो गया है। साथ ही हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर निर्माण प्रस्तावित है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में दस हजार नए उपकेंद्र खोले हैं। साथ ही 14,656 नई एएनएम नियुक्त कर उन्हें प्रशिक्षण भी प्रदान किया। शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण कवरेज को बढ़ावा देने के लिए निजी चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेजों को सक्रिय रूप से जोड़ा गया है। प्रदेश में प्रत्येक टीकाकर्मी द्वारा यूविन पोर्टल का उपयोग कर टीकाकरण किया जा रहा है।

रिपोर्टर:नसीम खान

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