भारतीय पुलिस के सहयोग से एक नेपाली युवती को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया* *भारत नेपाल सीमा से बड़े पैमाने पर हो रही है मानव तस्करीं

Time India News 11
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    रुपईडीहा बहराइच। भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से इस समय मानव तस्करीं बड़े पैमाने पर हो रही है। नेपाली महिलाओं व युवतियों को मानव तस्कर अच्छा काम दिलाने का लालच देकर अपने जाल में फंसा लेते हैं और इन महिलाओं व युवतियों को नेपाल सीमा पहुंचने से पहले जांच के डर से रास्ता बदलकर रुपईडीहा पहुंचा देते हैं। फिर यहां से विभिन्न गाड़ियों पर बैठाकर लखनऊ, दिल्ली,महाराष्ट्र आदि महानगरों में पहुंचा दिया जाता है। फिर दलालों के माध्यम से अच्छी खासी रकम लेकर इन्हें खाड़ी देशों में बेच दिया जाता है। इसी प्रकार का एक ताजा मामला सामने आया है। बताया जाता है कि मानव तस्करों ने एक नेपाली युवती को काम का प्रलोभन देकर नेपाल से भारतीय क्षेत्र  लखनऊ में पहुंचा दिया। जिसकी सूचना तत्काल नेपाल पुलिस को मिल गई। शांति पुन स्थापना ‌गृह नेपालगंज ने नेपाल पुलिस व भारतीय पुलिस की मदद से एक नेपाली युवती को लखनऊ से बरामद किया है। बताया जाता है कि लखनऊ में मानव तस्करों के चंगुल में फंसी एक नेपाली लड़की को रेस्क्यू कर नेपाल लाया गया है। इस संबंध में शांति पुनर्स्थापना गृह केंद्र नेपालगंज जिला बांके के समन्वयक निर्मल सुबेदी ने बताया कि मानव तस्करी और तस्करी के खिलाफ काम करने वाले संगठन पीस रिहैबिलिटेशन होम की नेपालगंज शाखा में शिकायत दर्ज होने के बाद लड़की को बचाया गया।  जिला पुलिस कार्यालय बांके में शुक्रवार को‌ मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाई गई बच्ची को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि मानव तस्करों ने भारत में काम करके अच्छी आय अर्जित करने के लिए लालच दिया था। उसकी प्रेमिका ने जांच के डर से नेपाली जमुनाहा पुलिस चौकी के निकट एक अलग रिक्शा का उपयोग करके पुलिस चौकी को छोड़ कर दूसरे रास्ते से रुपईडीहा पहुंचा दिया। जहां जाजरकोट जिला निवासी एक 28 वर्षीय महिला से मिली,जो वर्तमान में एक से विवाहित है।‌ उसने कहा कि भारत के गाजियाबाद जिले में रहने वाला एक भारतीय व्यक्ति तुम्हें नौकरी देगा,तुम आज जाओ मैं कल आऊंगा। रास्ते में लड़की अपने आप को असुरक्षित महसूस करती है और कार में सवार एक यात्री को बताती है कि वह असुरक्षित क्यों है। यात्री ने संदिग्ध मानव तस्करी की सूचना तत्काल क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय जमुनाहा नेपाल को दी।‌ पुलिस ने यह सूचना    शांति पुन स्थापना केंद्र नेपालगंज को दिया। सूचना मिलते ही शांति पुन स्थापना गृह नेपालगंज के क्षेत्रीय समन्वयक भूमि राज भट्टराई , बांके जिले के जिला समन्वयक निर्मल सुवेदी, व सलाहकार गीता थारु तथा इलाका पुलिस कार्यालय जमुनहा के कांस्टेबल अर्जुन कुमार थारु के साथ लखनऊ पहुंचे। और लखनऊ पुलिस के  सहयोग से उक्त बालिका को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया। शांति पुन स्थापना ‌गृह के जिला समन्वयक सुबेदी ने बताया कि महिला को आवश्यक जांच के लिए जिला पुलिस कार्यालय नेपालगंज जिला बांके को सौंप दिया गया है। हम पीड़ित लड़की और उसके परिवार के साथ चर्चा करने के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू करेंगे। श्री सुवेदी ने यह भी बताया कि ‌अभी तक दर्जनों युवतियों व महिलाओं को मानव तस्करों के चंगुल से आजाद कराया जा चुका है।

    नसीम खान

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