Time india news 11 UP
बहराइच 14 सितंबर 2026 महाराजा सुहेल देव स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय, बहराइच के नाक, कान एवं गला (ENT) विभाग में नवस्थापित BERA मशी का उद्घाटन एवं लोकार्पण सोमवार को दोपहर 3:30 बजे अनुपमा जायसवाल पूर्व मंत्री एवं विधायक सदर बहराइच के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बहराइच उपस्थिति रहे ।बेरा जांच (BERA Test): इस मशीन से नवजात शिशुओं से लेकर वयस्कों तक की सुनने की क्षमता की सटीक जांच की जाती है। स्थानीय स्तर पर लाभ: अब मरीजों को सुनने से जुड़ी गंभीर जांच के लिए लखनऊ या अन्य बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। समय और पैसे दोनों की बचत होगी इस अवसर पर विधायक अनुपमा जायसवाल ने कहा कि अब सुनने की क्षमता की जांच के लिए मरीजों को लखनऊ जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह सुविधा अब मेडिकल कॉलेज बहराइच में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस सुविधा के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. (प्रो.) संजय खत्री ने कहा कि BERA मशीन की सुविधा शुरू होना मेडिकल कॉलेज की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस सुविधा से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने मरीजों के हित में यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शासन एवं स्थानीय प्रशासन का धन्यवाद किया BERA (Brainstem Evoked Response Audiometry) एक विशेष श्रवण जांच है, जिसके माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि कान से प्राप्त ध्वनि संकेत श्रवण तंत्र के माध्यम से मस्तिष्क तक किस प्रकार पहुंच रहे हैं। जांच के दौरान मरीज को हेडफोन या ईयरफोन के माध्यम से आवाज सुनाई जाती है तथा सिर पर छोटे-छोटे इलेक्ट्रोड लगाए जाते हैं। मशीन ध्वनि के प्रति श्रवण तंत्र और ब्रेनस्टेम की प्रतिक्रिया को रिकॉर्ड करती है। इस जांच में मरीज को बोलकर या किसी प्रकार का जवाब देने की आवश्यकता नहीं होती।
BERA जांच विशेष रूप से नवजात शिशुओं एवं छोटे बच्चों की सुनने की क्षमता की जांच ऐसे मरीज जो सामान्य hearing test में सहयोग नहीं कर पाते, तथा सुनने की क्षमता में कमी का पता लगाने के लिए उपयोगी है। इसके माध्यम से कान से मस्तिष्क तक जाने वाले auditory pathway की कार्यप्रणाली का भी आकलन किया जा सकता है।
मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा शुरू होने से बहराइच एवं आसपास के जनपदों के मरीजों को काफी लाभ मिलेगा। अब उन्हें सुनने संबंधी इस महत्वपूर्ण जांच के लिए लखनऊ अथवा अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे मरीजों के समय एवं आने-जाने के खर्च की भी बचत होगी।
शुभारंभ कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. (प्रो.) संजय खत्री मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एस,के वर्मा उप-प्राचार्य डॉ. मलिक शहनवाज नाक-कान-गला विभाग के डॉ. बी.एन. ममाश एवं डॉ. राजेंद्र कुमार शुक्ला अन्य संकाय सदस्य, चिकित्सालय प्रबंधक, नर्सिंग अधीक्षिका तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।


