बहराइच:चिकित्सा शिविर, गोष्ठी और हस्ताक्षर अभियान चलाकर मनाया गया "विश्व कैंसर दिवस"

Time India News 11
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थीम:- यूनाइटेड बाई यूनीक बहराइच। मंगलवार को सीएमओ कार्यालय समेत जनपद की समस्त स्वास्थ्य इकाइयों पर चिकित्सा शिविर, गोष्ठी और हस्ताक्षर अभियान चलाकर "विश्व कैंसर दिवस" का आयोजन किया गया। सीएमओ कार्यालय सभागार में हुई गोष्ठी में 'यूनाइटेड बाई यूनीक' थीम के तहत जन जागरुकता एवं हस्ताक्षर अभियान का भी आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० संजय कुमार ने की जबकि कार्यक्रम का संचालन जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचनाधिकारी बृजेश सिंह ने किया।मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० संजय कुमार ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए  कहा कि हर साल विश्व कैंसर दिवस को एक थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल "विश्व कैंसर दिवस" की थीम 'यूनाइटेड बाय यूनीक' रखी गई है। इस थीम का उद्देश्य यह बताना है कि कैंसर सिर्फ इलाज से नहीं, बल्कि लोगों के साथ से जीतने वाली एक लड़ाई है जिसे हमें जड़ से खत्म करना है। लोगों में खराब खानपान, अनियमित जीवनशैली, तंबाकू का सेवन और हार्मोनल संतुलन के कारण कैंसर होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए कैंसर के लक्षणों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी के अलावा अब मरीजों का इलाज इम्यूनोथेरेपी, हार्मोन थेरेपी से भी किया जा रहा है।कार्यक्रम में जिला एनसीडी प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ० संदीप मिश्रा ने कहा कि शब्द ‘कैंसर’ अपने आप में इतना भयावह है कि इसे सुनते ही व्यक्ति की रूह कांप जाती है। कैंसर के मरीजों की मानसिक स्थिति का विवरण करना नामुमकिन है। हम लोगों को जागरुक बनाना चाहते हैं ताकि ज्यादातर प्रकार के कैंसर का उपचार किया जा सके और इसे नियन्त्रित किया जा सके। अगर इसे शुरूआती अवस्था में ही पहचान कर इलाज शुरू कर दिया जाए तो कैंसर के खिलाफ हम जंग जीत सकते हैं। इसके लिए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रोग की रोकथाम, जल्दी निदान एवं उपचार तथा पैलिएटिव केयर से जुड़ी सेवाओं को युनिवर्सल हेल्थ कवरेज में शामिल किया जाए।कीमोथेरेपी विशेषज्ञ एवं जेरियाट्रिक क्लीनिक के प्रभारी डा० परितोष तिवारी ने कहा कि लोगों को कैन्सर जैसी जानलेवा बीमारी के बारें में अवगत कराने के लिए "विश्व कैन्सर दिवस" हर वर्ष 4 फरवरी को मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी जानते ही हैं कि हमारे शरीर में कई प्रकार की कोशिकाएं होती है। जब ये कोशिकाएं अनावश्यक बढ़ कर अनियन्त्रित हो जाती हैं तब शरीर को काम करने मे बाधा उत्पन्न करती है और कोशिकाओं का गुच्छा सौम्य गाँठ या द्यूमर बन जाता है और बढ़ता रहता है इस अवस्था को ही कैन्सर कहते हैं और यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। कैन्सर सेल्स सबसे पहले शरीर को संक्रमण से बचाने वाले हिस्से में फलती है और उसके बाद खून के रास्ते शरीर के अलग अलग हिस्सों में जाती है और उन्हें सक्रमित करती है। कैन्सर जैसी बीमारी से हमें बचने के लिए सबसे पहले सावधान होकर बचाव रखना चाहिए और लोगों को इसके प्रति जागरूक करना चाहिए जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचनाधिकारी बृजेश सिंह ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की पहल पर वर्ष 1933 में पहला कैंसर दिवस जिनेवा, स्विट्जरलैंड में मनाया गया था। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली ही दीर्घायु और निरोगी जीवन का आधार है। एनसीडी क्लीनिक के डॉ०अंशुमान सिंह ने कहा कि जीवनशैली में बदलाव जैसे सेहतमंद आहार, शारीरिक व्यायाम, एल्कोहल एवं तंबाकू का सेवन न करना कैंसर से बचने के कारगर तरीके हैं। इससे न सिर्फ कैंसर से बचाव होता है बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में समस्त स्वास्थ्य इकाइयों एवं जिला एनसीडी क्लीनिक में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। लगाया गया। डॉ० अंशुमान सिंह ने शिविर में आए मरीजों के उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं कैंसर की स्क्रीनिंग की। इस अवसर पर उप मुख्य चिकित्साधिकारी सतीश गौतम, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० राजेश कुमार, डॉ० संतोष राणा, डॉ० अनुराग वर्मा, विवेक श्रीवास्तव, डॉ० रियाजुल हक, पुनीत शर्मा, सन्तोष सिंह, बृज प्रकाश, स्वाती श्रीवास्तव, मोहम्मद हारून, मोहम्मद फहीम, शरद श्रीवास्तव, मनीष कुमार सिंह के साथ मेंटल हेल्थ की टीम व समस्त ब्लाॅक की एएनएम मौजूद रही।

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