Timeindianews11Bahraich:
1. जनपद बलरामपुर के रिजवान जहीर एवं जनपद बहराइच के गब्बर सिंह प्रदेश स्तरीय माफिया चिन्हित है। इनसे सम्बन्धित न्यायालय में परीक्षण (ट्राइल) हेतु नियत मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कराया जाये तथा इन माफियाओं को सजा कराने का प्रयास किया जाये। साक्षीगण किसी भी दशा में अनुपस्थित न होने पाये। अनावश्यक रूप से अग्रिम तिथि न लगवाई जाये।
2. उक्त माफियाओं के विरुद्ध लम्बित मुकदमों का पर्यवेक्षण कम से कम पुलिस अधीक्षक / अपर पुलिस अधीक्षक स्वयं करे तथा समय-समय पर विवेचक को बुलाकर प्रगति ज्ञात करते रहे एवं गहनता से गुणवत्तापूर्वक विवेचना सुनिश्चित कराई जाये।
3. सोशल मीडिया पर सड़क पर झगड़ा या मारपीट की कोई भी घटना वायरल होती है तो उसके सम्बन्ध में तत्काल प्रभावी कार्यवाही हो। इस प्रकार की घटनाओं में समझौता न कराया जाये तथा न ही समझौतानामा स्वीकार किया जाये। इस प्रकार की घटनाओं से जनसामान्य में भय व्याप्त होता है। अतः गम्भीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर वैधानिक कार्यवाही की जाये।
4. क्षेत्राधिकारीगण के पास भारी संख्या में जाँच लम्बित होती है जिनकी गुणवत्ता में सुधार किया जाये। जाँच के दौरान दोनों पक्षों को सुनकर जाँच का निष्कर्ष निकाला जाये। जाँच में मौखिक एवं अभिलेखीय साक्ष्यों को अलग-अलग अंकित कर विश्लेषण किया जाये।
5. नगर निकाय के चुनाव की शीघ्र ही आचार संहिता लागू होने वाली है एवं चुनाव की तिथि घोषित होने वाली है। समीक्षा से पाया गया कि अधीनस्थ जनपद के थानों पर निरोधात्मक कार्यवाही धारा 116(3) द०प्र०सं० की कार्यवाही की संख्या काफी कम है। क्षेत्राधिकारी अपने काउन्टर पार्ट मजिस्ट्रेट के समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक संख्या में मुचलका पाबन्द कराना सुनिश्चित करें। मात्र धारा 107/116(3) द0प्र0सं0 की चालानी रिपोर्ट भेजकर कार्यवाही की इतिश्री न करें ।।
6. एण्टी फ्रॉड सेल का गठन जनपद गोण्डा में करने हेतु पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया है। जिसमें मुख्य रूप से फर्जी बैनामों एवं फर्जी वसीयतनामों की जांच त्वरित गति से करते हुए आरोप प्रमाणित होने पर तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जायेंगी। ऐसे प्रकरणों में जाँच के बाद प्रथम सूचना रिपोर्ट हो एवं मुकदमें में अन्तिम रिपोर्ट न दाखिल की जाये जब तक कि पुलिस अधीक्षक स्वयं सन्तुष्ट न हो जाये।
7. इसी प्रकार सरकारी स्कीमों से सम्बन्धित घोटालों के मुकदमें काफी संख्या में लम्बित है। बड़े एवं महत्वपूर्ण प्रकरणों की विवेचना अपराध शाखा से कराते हुए अपने निकट पर्यवेक्षण में सम्पादित कराये। ज्यादातर प्रकरणों में कर्मचारियों के लिए अभियोजन स्वीकृति की आवश्यकता नही होती है। ऐसे में प्रकरणों की निष्पक्ष जाँच कर आरोप सत्य पाये जाने पर आरोप पत्र प्रेषित किया जाये। शीघ्र ही मेरे द्वारा ऐसे मामलों की सूची बनाकर समीक्षा की जायेगी।
8-थाना दिवस पर मेरे द्वारा भ्रमण के दौरान पाया गया कि सम्बन्धित अभिलेखों का रख-रखाव निम्न स्तर का है। प्रत्येक थाने पर थाना दिवस का रजिस्टर हो एवं उससे सम्बन्धित पत्रावली हो। जिसमें आवेदन पत्र की छायाप्रति (मूल आवेदन लेखपाल को दे दिया जाता है) अवश्य उपलब्ध रहे। साथ ही राजस्व विभाग के कर्मचारियों से इन प्रकरणों मे कृत कार्यवाही की आख्या मंगवाकर आवेदन पत्र के साथ संलग्न करते हुए पत्रावली में सुरक्षित रखा जाये मात्र रजिस्टर में कृत कार्यवाही न अंकित हो बल्कि आख्या भी ले मेरे द्वारा थानों पर भ्रमण के दौरान आवेदन पत्र एवं उसके विवरण की आख्या मांगे जाने पर थाने वाले दिखा नही पा रहे है जो कि अत्यन्त आपत्तिजनक है। थाना दिवस पर लम्बित प्रार्थना पत्रों की संख्या भी काफी अधिक है। इसके सम्बन्ध पुलिस अधीक्षक प्रति माह 01 तारीख को थाना दिवस पर 15 दिवस से अधिक लम्बित प्रार्थना पत्रों की सूची थानों से मंगवाकर जिलाधिकारी को प्रेषित करेंगे। थाना दिवस जितना सुचारू रूप से कार्यरत रहेगा जमीनी विवादों का उतना ही उचित तरीके निस्तारण किया जा सकेगा। जमीनी प्रकरणों में लेखपाल एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम भेजी जाये एवं संयुक्त टीम ही जाँच कर थाने को रिपोर्ट उपलब्ध करायेगी । मात्र कार्यालय में बैठकर किसी भी अधिकारी/ कर्मचारी द्वार रिपोर्ट नही लगाई जायेगी।
9. बार्डर के थानों पर पुलिस कर्मियों के द्वारा पैसे लेकर तस्करी कराये जाने की शिकायत मिल रही है, जिसमें सुधार कराया जाए। यदि परिक्षेत्रीय कार्यालय से जाँच करवाये जाने पर आरोप प्रमाणित होना पाया गया तो सम्बन्धित के विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
10. निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक से लेकर थाना प्रभारी के स्तर पर प्रत्येक अधिकारी प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्र में फुट पेट्रोलिंग करना सुनिश्चित करें। साथ ही फुट-पेट्रोलिंग के दौरान जनसामान्य से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का निराकरण करना सुनिश्चित करें। फुट पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस अधीक्षक बहराइच को निर्देशित किया जाता है कि वह महत्वपूर्ण नगर / कस्बों में अतिक्रमण भी हटवाये जाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।
11. पुलिस अधीक्षक, जनपद बहराइच जनपद न्यायाधीश से सम्पर्क स्थापित कर मानीटरिंग सेल की गोष्ठी का प्रतिमाह का आयोजन कराकर न्यायालय से सम्बन्धित समस्याओं का निस्तारण कराना सुनिश्चित करें।
12. अपने जनपद में प्रतिमाह व्यापारियों की गोष्ठी आयोजित कराकर व्यापारियों की समस्याओं का शीघ्रता से निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। बैंकों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के स्वामियों से मिलकर शत-प्रतिशत सीसीटीवी कैमरा की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये।
13. पाक्सो अधिनियम के अन्तर्गत मेरे स्तर से 10 मुकदमों की पैरवी की जा रही है। इसके अन्तर्गत गवाह की उपस्थिति सुनिश्चित कराये जाने हेतु मेरे स्तर से पत्र प्रेषित किया गया है। जनपद प्रभारी सुनिश्चित करें कि पाक्सो अधिनियम के अन्तर्गत गवाहों की समय से उपस्थिति हो तथा जनपद की मानीटरिंग सेल की गोष्ठी आयोजित करके पोक्सो एक्ट के अन्तर्गत प्रभावी कार्यवाही कराकर अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा कराया जाना सुनिश्चित करें। महिला सम्बन्धी अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर विशेष ध्यान देकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करायी जायें।
14. अपने जनपद के प्रत्येक थानों के टाप-10 अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही कराया जाना सुनिश्चित करे।
15. गॅगेस्टर एक्ट की धारा 14 (1) के अन्तर्गत अधिक से अधिक जन्तीकरण की कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें।
16. अवैध कटान व अवैध खनन के प्रकरणों में सख्ती बरतने व इनसे सम्बन्धित माफियाओं के विरूद्ध खनन विभाग के साथ मिलकर अभियान चलाकर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
17. महिला अपराध सम्बन्धी कोई सूचना आती है तो तुरंत अभियोग पंजीकृत कर उसका निस्तारण किया जाये। छेड़खानी / बलात्कार आदि गम्भीर प्रकरणों में अभियोग पंजीकरण में विलम्ब न किया जाये।
18. भादवि के अपराधी में हत्या शीर्षक के अन्तर्गत जनपद बलरामपुर में विगत वर्ष 06 के सापेक्ष 13 जनपद बहराइच में विगत वर्ष 29 के सापेक्ष 45, की बढोत्तरी लूट शीर्षक में जनपद बलरामपुर में विगत वर्ष 03 के सापेक्ष 06, डकैती शीर्षक में शून्य के सापेक्ष 01, गृहमंदन शीर्षक में जनपद श्रावस्ती में 14 के सापेक्ष 26 की बढोत्तरी हुई है, पर प्रभावी रोकथाम हेतु आवश्यक प्रभावी कार्यवाही करें।
19. महिला सम्बन्धी अपराधों में हत्या शीर्षक में जनपद बलरामपुर में 01 के सापेक्ष 04 की बढोत्तरी, बलात्कार शीर्षक के अन्तर्गत जनपद बलरामपुर में 04 के सापेक्ष 08, बहराइच में 25 के सापेक्षा 35 व श्रावस्ती में 06 के सापेक्ष 07 की बढ़ोत्तरी, शीलभंग शीर्षक के अन्तर्गत जनपद गोण्डा में 75 के सापेक्ष 83, बलरामपुर में 47 के सापेक्ष 54. बहराइच में 155 के सापेक्ष 284 की बढ़ोत्तरी, अपहरण शीर्षक के अन्तर्गत जनपद बलरामपुर में 75 के सापेक्ष 76. बहराइच में 303 के सापेक्ष 332 की बढ़ोत्तरी दहेज मृत्यु शीर्षक में जनपद बलरामपुर में 09 के सापेक्ष 13. बहराइच में 41 के सापेक्ष 44 व श्रावस्ती में 21 के सापेक्ष 25 की बढोत्तरी, पॉक्सो एक्ट शीर्षक के अन्तर्गत जनपद गोण्डा में 62 के सापेक्ष 108, बलरामपुर में 38 के सापेक्ष 51, बहराइच में 116 के सापेक्ष 160 व श्रावस्ती में 29 के सापेक्ष 35 की बढोत्तरी हुई है। अपराधों पर प्रभावी रोकथाम हेतु आवश्यक प्रभावी कार्यवाही करें।
20. अनुसूचित जाति / जनजाति उत्पीडन में हत्या शीर्षक में जनपद श्रावस्ती में शून्य के सापेक्ष 101 की बढोत्तरी, बलात्कार शीर्षक में जनपद गोण्डा में 01 के सापेक्ष 04. बहराइच में 03 के सापेक्ष 04 की बढोत्तरी हुई है, गम्भीर चोट शीर्षक के अन्तर्गत जनपद बहराइच में शून्य के सापेक्ष 01 की बढोत्तरी हुई है। अपराधों पर प्रभावी रोकथाम हेतु आवश्यक प्रभावी कार्यवाही करें।


