साइलेंट किलर है हाई ब्‍लड प्रेशर या हाइपरटेंशन डॉ० संदीप

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टाइम इंडिया न्यूज 11यूपी बहराइच 

बहराइच। शनिवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया गया। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय की एनसीडी क्लीनिक समेत समस्त स्वास्थ्य इकाइयों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गए। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए सीएमओ डॉ० संजय कुमार ने कहा कि हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (विश्व उच्च रक्तचाप दिवस) मनाया जाता है। हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन एक ऐसा नाम है जिसे ‘साइलेंट किलर’ भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि आजकल 20 से 30 साल के युवाओं में उच्च रक्तचाप के लक्षण मिलना बहुत जटिल समस्या है।एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ० संदीप मिश्रा ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप दिल, दिमाग और किडनी को साइलेंट तरीके से नुकसान पहुंचाता है इसलिए इसे साइलेंट किलर कहा जाता है। 40 वर्ष से कम आयु के युवा मुख्य रूप से तनाव, शारीरिक गतिविधि की कमी और नींद की कमी आदि के कारण हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं क्योंकि इस बीमारी के लक्षणों को व्यक्ति आम तौर पर पहचान ही नहीं पाता है। रेगुलर बल्ड प्रेशर की जांच करते रहना चाहिए ताकि उच्च रक्तचाप को साइलेंट किलर बनने से रोका जा सके। आज विश्व उच्च रक्तचाप दिवस है और आज की थीम मिजर योर ब्लड प्रेशर एक्यूरेटली, कंट्रोल इट, लिव लांगर रखी गई है। नोडल अधिकारी डॉ० संदीप ने बताया कि उच्च रक्तचाप के लक्षणों में चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, सांस लेने में कठिनाई, थकान, या चक्कर आने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। हम अपनी डाइट में साबुत अनाज, फल, सब्ज़ियाँ और कम नमक वाले खाने से उच्च रक्तचाप को नियंत्रित कर सकते है। हमें प्रतिदिन स्वस्थ जीवनशैली का पालन करना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, तनाव कम करना, धूम्रपान और शराब का सेवन न करे, और नियमित रूप से रक्तचाप की जांच करते रहना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन कर रहे डीएचआईओ बृजेश सिंह ने कहा कि उच्च रक्तचाप के लगभग तीन-चौथाई मामले फैटी लिवर रोग से भी जुड़े हैं जिसका मुख्य कारण डिजिटल उपकरणों का लगातार उपयोग है। इससे तनाव का लेवल बढ़ता है और नींद का पैटर्न भी बाधित होता है। जो कि आजकल के युवाओं में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है।एनसीडी क्लीनिक के डॉ० अंशुमान सिंह श्रीनेत्र ने बताया कि वे लोग जो दिन में बहुत ज्यादा स्मोकिंग करते हैं उन्हें भी हाई ब्लड प्रेशर की प्रॉब्लम हो सकती है। स्मोकिंग करने से ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं। इसके चलते ब्लड प्रेशर का लेवल हाई होने लगता है। जेरियाट्रिक कार्यक्रम के डॉ० परितोष तिवारी ने बताया कि वर्तमान समय में 30 साल या इससे अधिक उम्र के लोगों में हाइपरटेंशन के मामले तेजी से देखने को मिल रहे हैं। हमें चाहिए कि हम हेल्दी डायट लें, सही लाइफस्टाइल फॉलो करें, भोजन में प्राकृतिक वनस्पतियों को शामिल करें, खट्टे फलों को डाइट में शामिल करें। इस अवसर पर एनपी एनसीडी से विवेक श्रीवास्तव, मो० हारून मो० फहीम, एनसीडी क्लीनिक से डॉ० रियाजुल हक़, पुनीत शर्मा, स्वाती श्रीवास्तव, बृज प्रकाश, संतोष सिंह एवं मेंटल हेल्थ कार्यक्रम से मुकेश हंस, अजय कुमार महतो, सीमा कुमारी, अजय प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।


रिपोर्टर:नसीम खान

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